Day: March 26, 2019

Raja Mandala: Why foreign policy needs consensus (The Indian Express)

Written by C. Raja Mohan One of the interesting foreign policy ideas that Prime Minister Narendra Modi unveiled early in his tenure, was to enhance the role of states in India’s engagement with the world. His long stint as Gujarat Chief Minister and his interest in the diaspora had probably something to do with it....

This content is for Monthly Subscription, Half-yearly Subscription and Yearly Subscription members only.
Log In Register

जबरदस्ती का धर्म (नवभारत टाइम्स)

यूं तो पाकिस्तान में कट्टरपंथ की आग में लगातार सिमटते अल्पसंख्यकों के दुखों का अंतहीन सिलसिला दशकों से जारी है मगर होली पर पाकिस्तान के सिंध प्रांत में दो नाबालिग हिंदू लड़कियों के अपहरण, धर्म परिवर्तन व निकाह के मामले ने खासा तूल पकड़ लिया है। विदेशमंत्री सुषमा स्वराज द्वारा पाकिस्तान स्थित भारतीय उच्चायुक्त से...

This content is for Monthly Subscription, Half-yearly Subscription and Yearly Subscription members only.
Log In Register

अर्थव्यवस्था पर बेअसर वित्तीय-मौद्रिक नीति (नवभारत टाइम्स)

भरत झुनझुनवाला सरकार की आर्थिक नीतियों के दो हिस्से होते हैं—वित्तीय एवं मौद्रिक। वित्तीय नीतियों में सरकार द्वारा वसूल किये गये टैक्स और सरकार द्वारा किये गये खर्च गिने जाते हैं। जैसे सरकार ने यदि इनकम टैक्स अथवा जीएसटी की दर में परिवर्तन किया अथवा मनरेगा या रक्षा खर्चों को बढ़ाया या घटाया तो ये...

This content is for Monthly Subscription, Half-yearly Subscription and Yearly Subscription members only.
Log In Register

भ्रष्टाचार पर अंकुश लगने की उम्मीद (नवभारत टाइम्स)

अनूप भटनागर पुरानी कहावत है, ‘‘गांव बसा नहीं, बिल्लियां रोने लगीं।’’ यह कहावत लोकपाल संस्था के अध्यक्ष पद पर न्यायमूर्ति पिनाकी चंद्र घोष और इसके सदस्यों की नियुक्तियों के साथ ही इसकी आलोचना करने वालों के रवैये पर पूरी तरह सही बैठती है। पूर्व केन्द्रीय सूचना आयुक्त शैलेश गांधी ने इस संस्था को 20 करोड़...

This content is for Monthly Subscription, Half-yearly Subscription and Yearly Subscription members only.
Log In Register

आंकड़ों की बाजीगरी के खुशी-गम (नवभारत टाइम्स)

आलोक पुराणिक संसार माया है। आंकड़े माया हैं। यूनाइटेड नेशन्स से जुड़े एक संगठन ने अभी हैप्पीनेस इंडेक्स जारी की है। भारत का नंबर इसमें 140 है और बांग्लादेश 125वें नंबर पर है और पाकिस्तान 67वें नंबर पर है। यानी पाकिस्तान भारत के मुकाबले लगभग दोगुना हैप्पी देश है। बांग्लादेश भारत के मुकाबले ज्यादा हैप्पी...

This content is for Monthly Subscription, Half-yearly Subscription and Yearly Subscription members only.
Log In Register

चुनाव भर चलेगा IPL (नवभारत टाइम्स)

आईपीएल का 12वां सीजन शुरू हो चुका है। अगले करीब दो महीने बाद यानी 12 मई को फाइनल मैच खेले जाने तक क्रिकेटप्रेमी भारतीयों का एक विशाल समुदाय इन मैचों की दीवानगी में खोया रहेगा। लेकिन खास बात यह कि इन्हीं दो महीनों में लोकतंत्र का सबसे बड़ा त्योहार यानी भारत का आम चुनाव भी...

This content is for Monthly Subscription, Half-yearly Subscription and Yearly Subscription members only.
Log In Register

Congress’s Rafale delusion (The Indian Express)

Written by Gopal Krishna Agarwal The Congress Party’s conduct in the affair pertaining to the procurement of combat jets shows a complete disregard for national security and preference for private illicit enrichment over national interests. In the din over the Rafale deal, it was almost forgotten that the Indian Air Force needed to bolster its...

This content is for Monthly Subscription, Half-yearly Subscription and Yearly Subscription members only.
Log In Register

China और IS के बीच पाकिस्तान के जरिए हुआ था समझौता, जानें कब और क्यों (दैनिक जागरण)

[डॉ. सतीश कुमार]। कश्मीर के पुलवामा में सीआरपीएफ के जवानों पर आतंकी हमला और बालाकोट में भारतीय वायुसेना द्वारा किए गए हमले के बाद भारत पाकिस्तान संबंध लगभग टूट चुका है। पाकिस्तान निरंतर झूठ बोल रहा है कि आतंकी संगठनों पर सैनिक कार्रवाई की जा रही है। दूसरी तरफ चीन ने चौथी बार मसूद अजहर...

This content is for Monthly Subscription, Half-yearly Subscription and Yearly Subscription members only.
Log In Register

गरीबी हटाने का वादा करना अच्छी बात है, लेकिन देश की अर्थव्यवस्था गर्त में भी जा सकती है (दैनिक जागरण)

लोक-लुभावन राजनीति किस तरह आर्थिक नियम-कानूनों को ताक पर रखकर चलती है, इसका ही उदाहरण राहुल गांधी की यह घोषणा है कि अगर कांग्रेस सत्ता में आई तो वह देश के सबसे गरीब पांच करोड़ परिवारों को 72,000 रुपये सालाना देगी। इसका मतलब है छह हजार रुपये प्रति माह। लगता है कि राहुल गांधी गरीब...

This content is for Monthly Subscription, Half-yearly Subscription and Yearly Subscription members only.
Log In Register

जानिए, मोदी सरकार में रोजगार में भारी कमी और नौकरियां छिन जाने की सच्चाई क्या है (दैनिक जागरण)

[ बलबीर पुंज ]: लोकसभा चुनावों में राष्ट्रीय सुरक्षा के साथ-साथ रोजगार और किसानों की आर्थिक स्थिति महत्वपूर्ण मुद्दा है। विरोधियों का मोदी सरकार पर सबसे बड़ा आक्षेप है कि न केवल रोजगार में भारी कमी हुई है, अपितु नोटबंदी और जीएसटी जैसे बड़े आर्थिक सुधारों के बाद छोटे-मझोले क्षेत्र की रही-सही नौकरियां भी चली...

This content is for Monthly Subscription, Half-yearly Subscription and Yearly Subscription members only.
Log In Register