Day: February 11, 2019

Interim Satisfaction (The Indian Express)

Written by Yoginder K. Alagh In this year’s Interim Budget, the government has made a number of major political statements, which is understandable in an election year. Interestingly, the budget has outlined not only short-term schemes but a long-term vision and outlook. Outlining long-term objectives is seen very positively in policy analysis. However, they need...

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There’s a hole in the data (The Indian Express)

Written by Kiran Bhatty, Dipa Sinha The credibility of India’s data systems is under serious threat with the recent controversy over the employment data of the National Sample Survey. While the Census of India and the National Sample Survey Organisation (NSSO) have a good reputation, when it comes to data related to the social sector...

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In Good Faith: Hinduisms of India (The Indian Express)

Written by Rajesh Kochhar During the Rajasthan assembly elections, a Congress candidate, C P Joshi, was singled out for a casteist public speech. Brahmin by birth, Joshi declared that the likes of Narendra Modi, Uma Bharati and Sadhvi Ritambhara, who came from castes traditionally considered “low”, had no right to speak about Hinduism. That prerogative,...

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Possibilities of a verdict (The Indian Express)

Last week’s decision by two senior judges of Pakistan’s Supreme Court in the case that the court had initiated suo motu in late 2017 is significant because of its sharp criticism of the role of the military and its intelligence agencies in the country’s politics. The case pertains to Tehreek Labaik Pakistan’s (TLP) protests in...

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राजस्थान में आरक्षण की मांग कर रहे गुर्जर समाज के हिंसक आंदोलन से लोगों का जीना हुआ मुहाल (दैनिक जागरण)

राजस्थान में अपने लिए अलग से पांच प्रतिशत आरक्षण मांग रहे गुर्जर समाज के आंदोलन ने एक बार फिर जिस तरह हिंसक रूप धारण किया और उसके चलते आगजनी और तोड़फोड़ हुई उससे यही पता चलता है कि आरक्षण के नाम पर किस तरह जोर-जबर्दस्ती की राजनीति हो रही है। राजस्थान में पिछले दस वर्षों...

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राजनीतिक एवं प्रशासनिक इच्छाशक्ति की कमी से प्रदेशों में बढे जहरीली शराब के अवैध कारोबार (दैनिक जागरण)

सहारनपुर के निकट उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड की सीमा पर अनेक गांवों में जहरीली शराब ने जैसा कहर ढाया उससे एक बार फिर यह पता चल रहा है कि शराब बिक्री से अपना खजाना भर रही राज्य सरकारें मिलावटी और जहरीली शराब के अवैध कारोबार से किस तरह आंखें मूंदे रहती हैं। इससे बड़ी विडंबना...

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आस्था पर अनावश्यक हमला: कुंभ दुनिया का सबसे बड़ा समागम है, फिर भी लगा राजनीतिकरण का आरोप (दैनिक जागरण)

[ हृदयनारायण दीक्षित ]: आनंद सबकी अभिलाषा है। ऋग्वेद आनंदगोत्री ऋषियों की ही वाणी है। ऋषि कहते हं, ‘जहां सदानीरा नदियां हं, जहां मुद, मोद, प्रमोद हं, जहां इहलौकिक और पारलौकिक कामनाएं पूरी होती हं, हे देवों! हमें वहां ले चलो।’ संप्रति ऐसा ही ‘आनंदनगर’ है भारत-उत्तर प्रदेश का प्रयाग। यहां अमृतरस से भरा कुंभ...

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सामाजिकता का सिमटता दायरा: अपने और पराए के बीच विभाजन करती सीमा रेखाओं की खास भूमिका (दैनिक जागरण)

[ गिरीश्वर मिश्र ]: समकालीन सामाजिक-राजनीतिक परिवेश में समावेश यानी इनक्लुजन के विचार को बड़ी तरजीह मिल रही है। राजनेता इस लोक-लुभावनी अभिव्यक्ति का ख़ूब उपयोग कर रहे हं। इसका आशय समाज के अधिकांश भाग को लोक कल्याणकारी योजनाओं की परिधि में शामिल करना होता है। सुविधाओं, लाभों और अवसरों की उपलब्धता सभी के लिए...

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राजनीति के साये में सारधा चिटफंड घोटाले में भ्रष्टाचार की जांच सही तरह से संभव नहीं (दैनिक जागरण)

[ संजय गुप्त ]: पिछले दिनों सारधा चिटफंड घोटाले में सुबूत मिटाने-छिपाने के आरोपों से घिरे कोलकाता के पुलिस आयुक्त राजीव कुमार से पूछताछ करने की सीबीआइ की कोशिश के दौरान जैसा हंगामा और तमाशा हुआ उससे पश्चिम बंगाल पुलिस के साथ ही देश की शीर्ष जांच एजेंसी सीबीआइ की भी फजीहत ही हुई। इस...

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