Month: January 2019

प्रगतिशील कदम (दैनिक ट्रिब्यून)

सीबीएसई आर्ट्स ग्रुप के अपने 12वीं कक्षा के विद्यार्थियों के लिए 2020 के अकादमिक सत्र से प्रैक्टिकल या प्रोजेक्ट वर्क शुरू करेगा। यह प्रस्ताव कला संकाय के विद्यार्थियों को व्यावहारिकता का पाठ पढ़ाने के लिये है। चूंकि नया अकादमिक सत्र शुरू होने में अभी देर है, इसलिए सुधारात्मक संभावनाओं पर अभी से ही कार्य हो...

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अफगानिस्तान में शांति की पहल (राष्ट्रीय सहारा)

पिछले हफ्ते दोहा में अमेरिका के शीर्ष दूत जलमय खलीलजाद और तालिबान के प्रतिनिधियों के बीच हुए समझौते के बाद अफगानिस्तान से अमेरिकी सैनिकों की वापसी तय दिख रही है। अगले अठारह महीने में अमेरिकी सैनिक स्वदेश लौट जाएंगे। तालिबान ने अमेरिका को आास्त किया है कि वह उसके खिलाफ काबुल सेकिसी तरह की आतंकवादी...

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शुभेच्छा की भाषा का नहीं कोई धर्म (दैनिक ट्रिब्यून)

विश्वनाथ सचदेव कुछ अर्सा पहले किसी राष्ट्रीयकृत बैंक के एक कार्यक्रम में जाने का अवसर मिला था। जानकर सुखद आश्चर्य हुआ था कि उस बैंक के सारे कर्मचारी रोज़ सुबह काम की शुरुआत से पहले सामूहिक प्रार्थना में भाग लेते हैं। कर्मचारियों में लगभग सभी धर्मों को मानने वालों की उपस्थिति की संभावना को देखते...

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समयानुकूल व्यावहारिक नीति ही समाधान (दैनिक ट्रिब्यून)

हर्षदेव घरेलू अर्थव्यवस्था और कृषि के लिए गोवंश भारत भूमि की आधारभूत आवश्यकता रहा है। लेकिन जैसे ही गाय को सत्ता की राजनीति का औजार बनाया गया, उसके परिवार से प्रेम और कर्तव्य का रिश्ता बिगड़ता चला गया। भारत में गाय और मनुष्य ने पारस्परिक आवश्यकता का सम्बन्ध निभाया है। प्रेम में पगी, सरल हृदय,...

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कैसे मिटे गरीबी (नवभारत टाइम्स)

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा है कि उनकी पार्टी की सरकार बनी तो देश के सभी गरीबों को न्यूनतम आमदनी की गारंटी दी जाएगी। कांग्रेस के लोगों का कहना है कि हर गरीब व्यक्ति को हर महीने 1500 से 1800 रुपये सीधे बैंक खाते में दिए जा सकते हैं। इस तरह पार्टी ने अपना...

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केंद्र का नया पैंतरा (राष्ट्रीय सहारा)

नरेन्द्र मोदी सरकार ने अयोध्या में अविवादित 67 एकड़ जमीन वापसी की सर्वोच्च न्यायालय में अपील कर एक बड़ा दांव खेला है। शीर्ष अदालत क्या फैसला देता है, यह देखना होगा। यह सच है कि नरसिंह राव सरकार ने 1993 में अयोध्या कानून के तहत विवादास्पद स्थल के चारों ओर की ये जमीनें इसीलिए अधिगृहित...

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अवैध खनन, दांव पर जिंदगी और पर्यावरण (राष्ट्रीय सहारा)

राजीव मंडल गलत तरीके से कोयला खनन पर एनजीटी और सर्वोच्च न्यायालय ने रोक लगा रखी हो, मगर अभी भी बहुत ही सुनियोजित तरीके से इसे अंजाम दिया जा रहा है। मेघालय के कोयला खदानों में 15 मजदूरों के फंसने और 40 दिन बाद दो शव बरामद होने से इसकी गंभीरता को आसानी से समझा...

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बजट : संतुलन रखना जरूरी (राष्ट्रीय सहारा)

राजीव सिंह चुनावी बेला की गहमागहमी के बीच लेखानुदान के नाम पर नियमित बजट जैसा कुछ पेश किए जाने की संभावना है। नरेन्द्र मोदी-नीत राजग सरकार संभवत: नियमित कवायद से हटकर बजट पेश करे। संभव है कि मतदाताओें के लिए लुभावने उपाय करे। शायद ग्रामीण मतदाताओं और शहरी मध्यम वर्ग, जिनकी बजट से काफी अपेक्षाएं...

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George Saheb (The Indian Express)

Written by Ram Vilas Paswan I first heard of George Fernandes, whom we fondly called George Saheb, in the 1960s when I was still a school student in Khagaria, which was the home of many socialist leaders. He had already earned a reputation of being a fiery socialist and trade union leader known for his...

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Hide and seek (The Indian Express)

Written by Jayati Ghosh The attacks by the Narendra Modi government on many of India’s institutions have been noted, but the destruction of India’s statistical system was not adequately recognised or condemned. That is, not until the latest revelations on how the government refusing to release the NSSO’s employment survey for 2016-17 led to the...

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