Category: हिन्दी संपादकीय

दायरा बढ़ाना होगा (पत्रिका)

खाने-पीने के सामान के पैकेट में लगने वाली ‘स्टेपल पिन’ के खिलाफ देशभर में अभियान चलाने का फैसला स्वागत योग्य है। भारतीय खाद्य संरक्षा और मानक प्राधिकरण ने इस तरफ ध्यान दिया, ये अच्छी बात है। ‘स्टेपल पिन’ का इस्तेमाल रोकने के लिए जागरूकता अभियान चलाने की बात भी सामने आई है। देर से ही...

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संपादकीयः चंद्रयान की राह (जनसत्ता)

अंतरिक्ष में प्रयोग और परीक्षण के मामले में भारत ने जिस तरह अपनी जगह बनाई है, उसे देखते हुए किसी नए अभियान को लेकर देश और दुनिया में अपेक्षाएं स्वाभाविक हैं। अब तक के कमोबेश हर प्रक्षेपण में भारत ने साबित किया है कि इस कसौटी पर हम दुनिया के विकसित देशों के समांतर खड़े...

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संपादकीयः सुरक्षा और सवाल (जनसत्ता)

देश में सड़क हादसों का ग्राफ जिस तेजी से ऊपर जा रहा है वह इस हकीकत को बताने के लिए काफी है कि सड़क सुरक्षा के प्रति हमारी सरकारें कितनी लापरवाह हैं। पिछले महीने हिमाचल प्रदेश और जम्मू में हुए बस हादसों में बड़ी संख्या में लोग मारे गए थे। दोनों हादसों में एक समानता...

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अमेरिका के साथ रिश्ते का पेच, ट्रंप की भारत को फिर धमकी (अमर उजाला)

के एस तोमर मोदी सरकार को विदेश नीति के मोर्चे पर कई चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है और इस बीच, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बीते मंगलवार को फिर से धमकी देते हुए कहा कि ‘भारत लंबे समय से एक क्षेत्र पर टैरिफ बढ़ा रहा है, जो अब स्वीकार्य नहीं है।’ यह...

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गरीबी के साथ असमानता भी घटे: 10 साल में देश के 27.1 करोड़ लोग गरीबी रेखा से बाहर आए (अमर उजाला)

जयंतीलाल भंडारी इस समय देश और पूरी दुनिया में भारत में तेजी से घटती हुई गरीबी और तेजी से बढ़ती हुई आर्थिक असमानता से संबंधित दो रिपोर्ट गंभीरतापूर्वक पढ़ी जा रही हैं। विगत 12 जुलाई को संयुक्त राष्ट्र (यूएन) ने पॉवर्टी इंडेक्स रिपोर्ट 2019 जारी की है। इसके मुताबिक इन 101 देशों में 130 करोड़...

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पीएसई का विनिवेश (बिजनेस स्टैंडर्ड)

लोक उपक्रमों (पीएसई) में कर्ज का स्तर बढ़ रहा है। इस समाचार पत्र में गत सोमवार को प्रकाशित एक खबर के मुताबिक 40 सूचीबद्ध गैर वित्त क्षेत्र के पीएसई में औसत डेट-इक्विटी अनुपात में सालाना आधार पर 10 फीसदी का इजाफा हुआ और यह वित्त वर्ष 2019 में 0.68 फीसदी की नई ऊंचाई पर पहुंच...

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कृत्रिम मेधा से कृषि क्षेत्र में भी हो सकता है चमत्कार (बिजनेस स्टैंडर्ड)

सुरिंदर सूद भारतीय कृषि क्षेत्र में कृत्रिम मेधा या आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (एआई) बड़ी तेजी से अपनी जगह बनाती जा रही है। किसान जिस सहजता से इस उन्नत तकनीक को अपना रहे हैं, वह दर्शाता है कि यह बहुत जल्द किसानों के लिए एक बड़ी पेशेवर मार्गदर्शक बन जाएगी। कृत्रिम मेधा में किसानों की बढ़ती रुचि...

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सभी घरों को नल से जल आपूर्ति का काम जटिल (बिजनेस स्टैंडर्ड)

विनायक चटर्जी जल शक्ति मंत्रालय का गठन पेयजल एवं स्वच्छता मंत्रालय के साथ जल संसाधन, नदी विकास एवं गंगा पुनरुद्धार मंत्रालय का विलय कर 31 मई, 2019 को किया गया था। सरकार ने आम आदमी से अपना सबसे बड़ा वादा भी किया है। वर्ष 2024 तक सभी घरों तक पाइप से पानी पहुंचाने का यह...

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विवादित विश्व कप (द नेशन, पाकिस्तान)

इंग्लैंड ने 2019 का क्रिकेट वल्र्ड कप जीत लिया, लेकिन न्यूजीलैंड फाइनल नहीं हारा। ऐसा असंतोषजनक परिणाम एक जटिल क्रिकेट मुकाबले में ही संभव है। 14 जुलाई को क्रिकेट के इतिहास में एक सबसे मनोरंजक एकदिवसीय क्रिकेट मैच के लिए याद रखा जाएगा। यह एक ऐसा मैच था, जिसकी चर्चा भविष्य में हमेशा होती रहेगी।...

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पुरानी लकीर पर चलने से नहीं होगा उग्रवाद का अंत (हिन्दुस्तान)

रघु रमन, विशेषज्ञ, आंतरिक सुरक्षा अक्सर कहा जाता है कि जनरल आखिरी जंग को जीते हैं। यह सोच नई चुनौतियों के लिहाज से रणनीति बनाने की बजाय फौजी अफसरों द्वारा अपनी ऊर्जा पिछले युद्धों के विश्लेषण में खर्चने की तस्वीर खींचती है। यह बात इस कहावत से भी जाहिर होती है कि बड़ी सेनाओं वाले...

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