Category: हिन्दी संपादकीय

स्पष्ट हो जानकारी (बिजनेस स्टैंडर्ड)

सरकार निरंतर गहन होती मंदी के बीच राजकोषीय संकट का सामना करती नजर आ रही है। हाल में सामने आए आंकड़ों से केवल यही नतीजा निकलता दिखता है। औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (आईआईपी) में सितंबर में लगातार दूसरे माह गिरावट नजर आई और यह 4.3 फीसदी गिर गया। इससे पहले अगस्त 2019 में इसमें 1.4 फीसदी...

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उत्पादन में गिरावट (हिन्दुस्तान)

जिस समय हम महाराष्ट्र विधानसभा के गणित को लेकर उलझे हुए हैं, उस समय देश की अर्थव्यवस्था का जो नया गणित सामने आया है, वह परेशान करने वाला है। वैसे तो अर्थव्यवस्था की हालत काफी समय से खराब चल रही है, इसके सारे लक्षण परेशानियां बढ़ने के संकेत ही दे रहे हैं। अभी यह मतभेद...

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ई-कचरे के तमाम खतरों से बेपरवाह क्यों हैं हम (हिन्दुस्तान)

पंकज चतुर्वेदी, वरिष्ठ पत्रकार जब जहरीले धुएं ने दिल्ली और उसके आस-पास लोगों की सांसों में सिहरन पैदा करना शुरू किया, तो प्रशासन भी जागा और राजधानी से सटे लोनी के सेवाग्राम में पुलिस ने 30 जगह छापा मारकर 100 क्विंटल से ज्यादा ई-कचरा जब्त किया। असल में इन सभी कारखानों में ई-कचरे को सरेआम...

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मूल्यपरक नई शिक्षा-नीति से ही बदलाव की उम्मीद (हिन्दुस्तान)

रमेश पोखरियाल ‘निशंक’, केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री वर्ष 2014 में एनडीए सरकार ने देश की कमान संभाली थी, तभी स्पष्ट किया था कि वैश्विक परिवेश की नई चुनौतियों का मुकाबला करने के लिए हमें एक नई शिक्षा-नीति की आवश्यकता है। प्रख्यात अंतरिक्ष वैज्ञानिक डॉ के कस्तूरीरंगन की अध्यक्षता में 2017 में नौ सदस्यीय समिति...

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हिंद-प्रशांत कूटनीति के यक्ष प्रश्न (दैनिक ट्रिब्यून)

गौतम बम्बावाले ले. जनरल शमशेर सिंह मेहता (रि.) जब से अमेरिकी सेना ने हिंद-प्रशांत महासागरीय कमान की स्थापना की है तब से लेकर राष्ट्रपति ट्रंप समेत अमेरिकी काबिना के शीर्ष सदस्य इस पर अपना विशेष ध्यान दे रहे हैं। आज जब कभी बात मुख्य अंतर्राष्ट्रीय संबंधों की स्थिति की चलती है तो इस क्षेत्र का...

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खून-पसीने के मोतियों से महका मोतीबाग (दैनिक ट्रिब्यून)

अरुण नैथानी जिस दौर में पहाड़ की पहाड़ जैसी चुनौतियों से बचकर लाखों लोग मैदानों में उतर आए हैं, उस दौर में विद्यादत्त शर्मा जैसे लोग भी हैं, जिन्होंने सरकारी नौकरी छोड़कर जंगल में मंगल रचा दिया है। पहाड़ों से सामंजस्य के साथ बारिश का पानी जुटाकर उन्होंने पत्थरों में फूल खिलाए हैं। बंजर भूमि...

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भाईचारे का गलियारा (नवभारत टाइम्स)

श्री गुरु नानक देव जी के 550वें प्रकाश पर्व पर पाकिस्तान स्थित करतारपुर साहिब के दर्शन करने के लिए बना करतारपुर कॉरिडोर आज खुल जाएगा। भारत में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इसका उद‌्घाटन करेंगे जबकि पाकिस्तान की ओर से प्रधानमंत्री इमरान खान कॉरिडोर का लोकार्पण करेंगे। करतारपुर साहिब गुरुद्वारे के दर्शन के लिए आज देश से...

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यह रोग नहीं, लक्षण है (राष्ट्रीय सहारा)

पिछले सप्ताह दिल्ली के तीस हजारी कोर्ट में पुलिस और वकीलों के बीच हुई मारपीट की अनुगूंज संसद से सड़क तक सुनाई दे रही है। इस घटना को लेकर अखबार, न्यूज चैनल्स और सोशल मीडिया पर जो देखने-पढ़ने को मिल रहा है, उसमें दोनों पक्षों के समर्थन और विरोध में आवाजें मुखर हो रही हैं।...

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पीएम मोदी आज खोलेंगे करतारपुर गलियारे का दरवाजा, पाकिस्तान की धार्मिक भावना मात्र दिखावा (दैनिक जागरण)

[ अवधेश कुमार ]: गुरु नानक देव जी के 550वें प्रकाश पर्व के अवसर पर करतारपुर गलियारे को आधिकारिक तौर पर खोले जाने के पहले पाकिस्तान के लगातार रुख बदलने से उसकी कुटिल मंशा जाहिर होने लगी है। पाकिस्तान करतारपुर गुरुद्वारे के दर्शन के लिए आने वाले पहले जत्थे से भी 20 डॉलर की फीस...

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संपादकीय: सत्ता और सवाल (जनसत्ता)

महाराष्ट्र में नई सरकार के गठन को लेकर दो हफ्ते से जिस तरह का गतिरोध चल रहा है, वह लोकतंत्र व्यवस्था के लिए किसी आघात से कम नहीं है। चुनाव नतीजे आने के बाद भी सरकार का गठन नहीं हो पाना हैरान करने वाला घटनाक्रम है। ढाई-ढाई साल मुख्यमंत्री रहने को लेकर भारतीय जनता पार्टी...

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