Category: हिन्दी संपादकीय

रोजगार का सवाल और राजनीति का हाल (बिजनेस स्टैंडर्ड)

मिहिर शर्मा पिछले कुछ आम चुनावों की बात करें तो हर बार उनकी व्याख्या किन्हीं आर्थिक कारकों पर की गई। सन 2004 में जब इंडिया शाइनिंग अभियान के बावजूद अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार दोबारा नहीं चुनी गई तो अधिकांश लोगों का मानना था कि ऐसा ग्रामीण क्षेत्रों में व्याप्त निराशा की वजह से हुआ।...

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अलग-थलग भारत (बिजनेस स्टैंडर्ड)

ई-कॉमर्स और डिजिटल कारोबार आने वाले दिनों में विभिन्न अर्थव्यवस्थाओं के लिए सबसे बड़े मूल्यवर्धक साबित होने वाले हैं। यह बात भारतीय अर्थव्यवस्था पर खासतौर पर लागू होती है। तथ्य तो यह है कि भारत में हाल में जो भी निवेश हुआ है वह इसी या इससे संबद्घ क्षेत्र में हुआ है। भारत सरकार भी...

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इंडिया में इंतजार (द एशियन एज, बांग्लादेश)

जब भारतीय एंकर और राजनीतिक विशेषज्ञ अनेक भारतीय टीवी चैनलों पर एग्जिट पोल के नतीजों को लेकर बहस में लगे हैं, तब अनेक प्रमुख भारतीय हस्तियां ऐसी भी हैं, जिन्हें अंतिम नतीजों का इंतजार है। जब चुनाव के वास्तविक नतीजे सामने आएंगे, तब चीजें स्पष्ट हो जाएंगी। वरिष्ठ कांग्रेस नेता शशि थरूर ने एग्जिट पोल...

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बादलों के पार (हिन्दुस्तान)

रिसैट-2बी सैटेलाइट के सफल प्रक्षेपण के साथ अंतरिक्ष में भारत की क्षमता का विस्तार सुखद प्रगति है। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने श्रीहरिकोटा केंद्र से 615 किलोग्राम वजनी जिस सैटेलाइट का प्रक्षेपण किया है, वह भारत के आर्थिक और सामरिक विकास में बहुत मदद करने वाला है। इस अनिवार्य और दुर्लभ उपलब्धि के लिए...

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क्या इस बार पूरी होगी हाशिये के समुदायों की उम्मीद (हिन्दुस्तान)

बद्री नारायण निदेशक, जीबी पंत सामाजिक विज्ञान संस्थान नई सरकार अब कुछ ही दिन या कुछ ही घंटे दूर है। जब भी कोई नई सरकार बनती है, तो उससे कई तरह की उम्मीदें पाली जाती हैं। पूरी चुनाव प्रक्रिया में जिन संगठित जातियों व समूहों को महत्व मिला होता है, उनकी उम्मीदें तो आसमान पर...

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विवादों के बीच मतगणना के एहतियात (हिन्दुस्तान)

एस वाई कुरैशी पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त लोकसभा चुनाव के सभी चरणों के बाद संसदीय इतिहास में सबसे अधिक मतों की गिनती का काम बस चंद घंटों में शुरू होने वाला है। ऐसे वक्त में, जब ईवीएम की सुरक्षा को लेकर तमाम तरह के संदेह जताए जा रहे हैं, यह जानना उचित होगा कि मतगणना...

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डिजिटल रोजगार की चमकीली संभावनाएं (दैनिक ट्रिब्यून)

जयंतीलाल भंडारी इन दिनों दुनिया के अर्थ विशेषज्ञ यह कहते हुए दिखाई दे रहे हैं कि डिजिटल अर्थव्यवस्था के तहत रोजगार के मौके भारत की नयी पीढ़ी की मुट्ठियों में आने का चमकीला परिदृश्य तेजी से आगे बढ़ा है। हाल ही में मैकिंजी ग्लोबल इंस्टीट्यूट द्वारा प्रकाशित की गई रिपोर्ट ‘डिजिटल इंडिया : टेक्नोलॉजी टू...

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हकीकत सामने आने से पहले के झटके (दैनिक ट्रिब्यून)

कुमार विनोद एक बार की बात है, किसी शादी-ब्याह में तीसरा फेरा होते ही पंडित जी ने विवाह संपन्न होने की घोषणा कर दी। वर और वधू दोनों ही पक्षों द्वारा कड़ा एतराज किये जाने पर पंडित जी का तर्क था कि शादी टिकनी है तो तीन फेरों में ही टिक जाएगी अन्यथा सात छोड़ो,...

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सहमति से तलाशें नये विकल्प (दैनिक ट्रिब्यून)

अनूप भटनागर लोकसभा और राज्यों की विधानसभाओं के चुनाव कई चरणों में कराये जाने की वजह से प्रशासन और जनता के सामने आ रही दिक्कतों को देखते हुए अब इसे लेकर असहमति के स्वर उभरने लगे हैं। राजनीतिक दल चाहते हैं कि निर्वाचन आयोग सर्वदलीय बैठक बुलाकर इस विषय पर विस्तार से चर्चा करके सर्वमान्य...

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मोबाइल पर आफत (नवभारत टाइम्स)

लगता है, अमेरिका और चीन का ट्रेड वॉर दुनिया भर के आम उपभोक्ताओं पर भी सीधा असर डालने वाला है। चीन के कारोबार के खिलाफ अमेरिकी प्रतिबंधों की आंच दुनिया की सबसे बड़ी दूरसंचार उपकरण निर्माता कंपनी हुवावे तक पहुंच चुकी है। हालांकि अमेरिका ने इस चीनी कंपनी पर प्रतिबंधों में 90 दिन की छूट...

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