Category: इसे भी जानें

A crisis of credibility? (The Hindu)

S.Y. Quraishi The Election Commission of India (EC) is a formidable institution which has led the world in electoral efficiency since its inception. But in the 2019 general election, it has come under the scanner like never before in the wake of incidents involving a breach of the Model Code of Conduct, particularly those by...

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A tale of two IT service companies (The Economic Times)

India’s largest and third-biggest IT companies, TCS and Infosys, declared January-March (Q4) results late Friday. Monday’s equity market summarised their performance accurately: among the blue chips in Nifty 50, TCS was the second-biggest gainer; Infy was the top loser. Though both companies grew Q4 revenues at roughly similar rates — TCS at 12.7% and Infy...

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दर्द से जिंदगी का रिश्ता (हिन्दुस्तान)

ममता सिंह की फेसबुक वॉल से कोई भी दर्द बहुत नहीं होता, कोई भी दर्द अंतिम नहीं होता, हर बार नए दर्द से गुजरने पर हम डर से थरथराते हैं कि यह दर्द बहुत है, शायद अंतिम, यह जानते हुए भी कि जीवन में अंतिम कुछ नहीं होता, न प्रेम, न दर्द, न डर, न...

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A Manifesto Centred on Narendra Modi (The Economic Times)

The BJP manifesto centres on Narendra Modi, his achievements as Prime Minister since 2014, his vision for India’s all-round development and emergence as a global power, and promise of efficient, corruption-free growth. BJP’s old chestnuts of Ram Mandir, abrogation of Article 370, a uniform civil code and return of Kashmiri Pandits to Kashmir figure, once...

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संवैधानिक अधिकारों के रक्षक (प्रभात खबर)

आकार पटेल कार्यकारी निदेशक, एमनेस्टी इंटरनेशनल इंडिया आगामी कुछ ही महीनों में एक बड़े गैर-सरकारी संगठन (एनजीओ) के प्रमुख के रूप में मेरा कार्यकाल समाप्त हो जायेगा. मैंने सोचा कि मुझे इस क्षेत्र के बारे में लिखना चाहिए और अपने सुधी पाठकों को बताना चाहिए कि पिछले चार वर्षों तक यहां काम करने के दौरान...

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चयन प्रक्रिया हेतु नीति बनाना जरूरी (दैनिक ट्रिब्यून)

अनूप भटनागर न्यायाधिकरणों में पूर्व न्यायाधीशों की नियुक्ति के बारे में हाल ही में उच्चतम न्यायालय द्वारा की गयी टिप्पणी बेहद गंभीर है, जिस पर न्यायपालिका और कार्यपालिका दोनों को ही विचार करना होगा। न्यायालय इस दृष्टिकोण से सहमत लगता है कि न्यायाधिकरणों में सेवानिवृत्त न्यायाधीशों की नियुक्ति न्यायपालिका की स्वतंत्रता पर एक प्रश्नचिन्ह है।...

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Parley | Is Modi the best communicator of them all? (The Hindu)

A comparison of Prime Minister Narendra Modi’s strategy with some of his predecessors Whether it is his monthly radio broadcast programme, Mann Ki Baat, or his tweets, Prime Minister Narendra Modi’s outreach is unlike anything seen before. Sudheendra Kulkarni and Pankaj Pachauri analyse Mr. Modi’s speeches and compare his communication strategy with those of previous...

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चुनाव के लिए किसानों का एजेंडा (अमर उजाला)

वी एम सिंह यह चुनाव का समय है। ऐसे में हमें अगले पांच वर्ष का राष्ट्रीय एजेंडा स्पष्ट करने की जरूरत है। हम सब खुद को कृषि पर निर्भर समाज कहते हैं, और खेती पर देश की 130 करोड़ जनता का भोजन निर्भर है। मगर नई पीढ़ी की खेती में कोई दिलचस्पी नहीं है, क्योंकि...

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भारतीयता से दूर भागते वामपंथी (दैनिक जागरण)

[डॉ. मनमोहन वैद्य]। मेरे परिचित परिवार की एक छात्र जयपुर में पढ़ती है। जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल में वह वॉलंटियर के नाते जुड़ी थी। उसने अपना अनुभव बताया कि सभी सत्रों में वक्ताओं में और प्रबंधकों में भी ‘लेफ्ट’ का साफ प्रभाव और वर्चस्व दिखा। मुझे यह जानकर आश्चर्य नहीं हुआ, अपेक्षित था। उसने एक और...

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महिला होने का सुख (दैनिक जागरण)

हमारे पिताजी बड़े गर्व से कहते थे कि मेरी बेटियां नहीं हैं, बेटे ही हैं। हमारा लालन-पालन बेटों की ही तरह हुआ। हम सारा दिन खेलते-कूदते, क्रिकेट से लेकर कंचे तक खेलते और पढ़ाई करते। रसोई में घुसने का आग्रह भी नहीं था, बस खाना बनाना आना चाहिए, इतना भर ही था। मुझ से कहते...

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