बहाल हो विश्वसनीयता (बिजनेस स्टैंडर्ड)

बीते एक दशक के दौरान भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने स्वतंत्र एवं किफायती मौद्रिक प्राधिकार के रूप में जबरदस्त विश्वसनीयता हासिल की। कई लोग मानेंगे कि वह देश के उन गिनेचुने संस्थानों में से है जिन्हें विश्वस्तरीय करार दिया जा सकता है। हालांकि तकनीकी रूप से वह आरबीआई अधिनियम के तहत सरकार के अधीन है…

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Updated: December 29, 2016 — 9:10 am