सरकार को फुर्सत नहीं (पत्रिका)


कितने शर्म की बात है कि राष्ट्रीय राजमार्गों पर शराब नहीं बिकने का फैसला भी देश की सर्वोच्च अदालत को सुनाना पड़ रहा है। इसका सीधा मतलब तो यही निकलता है कि जनता के मतों से निर्वाचित सरकारों को ऐसे गंभीर विषयों पर विचार करने की कभी फुर्सत ही नहीं मिलती। एक गैर सरकारी संगठन…


This content is for Monthly Subscription, Half-yearly Subscription and Yearly Subscription members only.
Log In Register


Updated: December 16, 2016 — 10:02 AM