जीवन के विरोधाभास (हिन्दुस्तान)

हमारा जीवन घट और चलनी जैसा होता है। इसमें श्रेष्ठताओं की पूर्णता है, तो बुराइयों के अनगिनत छिद्र भी। समंदर-सा गहरापन भी है। सब कुछ अनुकूल-प्रतिकूल अनुभवों को समेट लेने की क्षमता है, तो सहने का अभाव होने से बहुत जल्द प्रकट होने वाला छिछलापन भी है। तूफानों से लड़कर मंजिल तक पहुंचने का आत्मविश्वास…

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Updated: November 28, 2016 — 10:08 am