मेरे सपनों की अगली लोकसभा में हिस्ट्रीशीटर न हो, वाद हो, विवाद हो पर संवाद न चुभने वाला हो (दैनिक जागरण)


[ गोपालकृष्ण गांधी ]: संसद नर है, किंतु लोकसभा और राज्यसभा नारी। क्यों, कैसे? क्योंकि सभा नारी है। हिंदी में पुल्लिंग-स्त्रीलिंग का बंटवारा क्यों, कैसे, किस तर्क से कोई नहीं जानता। मेज पुल्लिंग, कुर्सी स्त्रीलिंग आदि। मगर रूप-रेखा स्त्रीलिंग क्यों? खुदा जाने। तो फिर लोकसभा जो बनेगी कुछ हफ्तों में, उसकी रूपरेखा के बारे में…


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Updated: February 14, 2019 — 10:45 AM