संपादकीय: हिंसा की सियासत (जनसत्ता)


राजनीतिक दलों को अब शायद लोकतांत्रिक तौर-तरीकों पर विश्वास नहीं रह गया है। मामूली बातों पर भी वे हंगामा खड़ा करने और अपने कार्यकर्ताओं को असहज स्थिति पैदा करने के लिए उकसाने से परहेज नहीं करते। प्रयागराज में भी यही हुआ, जब समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव को इलाहाबाद विश्वविद्यालय के कार्यक्रम में हिस्सा लेने…


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Updated: February 14, 2019 — 6:53 AM