आस्था पर अनावश्यक हमला: कुंभ दुनिया का सबसे बड़ा समागम है, फिर भी लगा राजनीतिकरण का आरोप (दैनिक जागरण)

[ हृदयनारायण दीक्षित ]: आनंद सबकी अभिलाषा है। ऋग्वेद आनंदगोत्री ऋषियों की ही वाणी है। ऋषि कहते हं, ‘जहां सदानीरा नदियां हं, जहां मुद, मोद, प्रमोद हं, जहां इहलौकिक और पारलौकिक कामनाएं पूरी होती हं, हे देवों! हमें वहां ले चलो।’ संप्रति ऐसा ही ‘आनंदनगर’ है भारत-उत्तर प्रदेश का प्रयाग। यहां अमृतरस से भरा कुंभ…

This content is for Monthly Subscription, Half-yearly Subscription and Yearly Subscription members only.
Log In Register
Updated: February 11, 2019 — 4:02 pm