धर्माधिकारियों के आचरण में शुचिता के लिए पहल (दैनिक ट्रिब्यून)


राजेश रामचंद्रन जब बात पश्चिमी सभ्यता की होती है, इसका आशय सदा विजय अभियान, औपनिवेशवाद, वैज्ञानिक व तकनीकी खोज और इनके बूते अर्जित समृद्धि रहा है। पश्चिमी लोगों के लिए पूरब खासकर भारत में, औपनिवेश साम्राज्यवाद से उपजी गरीबी, दुनियावी सरोकारों से दूर अर्धनग्न फकीर, नागा साधु और शेर की खाल ओढ़े नैतिकता के प्रचारकों…


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Updated: February 9, 2019 — 1:39 PM