सांप्रदायिक चश्मे से न देखें संस्कृत को (प्रभात खबर)


आरके सिन्हा, सदस्य, राज्यसभा देश का वातावरण इस हद तक विषाक्त हो चुका है कि अब संस्कृत भाषा को भी सांप्रदायिकता के चश्मे से देखा जा रहा है. अब केंद्रीय विद्यालयों में प्रतिदिन सुबह होनेवाली प्रार्थना पर भी निशाना साधा जा रहा है. कहा जा रहा है कि यह संस्कृत प्रार्थना धर्मनिरपेक्ष भारत में नहीं…


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Updated: February 8, 2019 — 1:22 pm