नाकामी से सबक ले चलने का नाम जीवन (दैनिक ट्रिब्यून)


रोहित कौशिक हमारी ज़िंदगी उस नाव की तरह है जो समय की धारा में अपने आप बहने लगती है। हम एक निश्चित दिशा में आगे बढ़ना चाहते हैं लेकिन कभी-कभी समय की धारा अपने हिसाब से हमारी नाव का रुख मोड़ देती है। कुछ समय बाद हमें पता चलता है कि हमें कहां पहुंचना था…


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Updated: February 4, 2019 — 4:17 pm