संपादकीय: पारदर्शिता की खातिर (जनसत्ता)

चुनावों में आॅनलाइन प्रचार अभियानों की बढ़ती उपयोगिता के मद्देनजर राजनीतिक दलों ने बड़े पैमाने पर इसका सहारा लेना शुरू किया है। लेकिन उसमें अगर कोई विज्ञापन विवाद के घेरे में आता है या उसमें दर्ज तथ्य गुमराह करने वाले पाए जाते हैं तो उसे जारी करने वालों को कठघरे में खड़ा करना या उनसे…

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Updated: January 24, 2019 — 8:01 AM