असंभव के विरुद्ध: कश्मीर में सैनिक के जनाज़े पर पथराव से देश पथराया क्यों नहीं? (दैनिक भास्कर)


कल्पेश याग्निक ‘षड्यंत्र से हिन्दुस्तान पर अवैध कब्जा करने वाले मुगलों में से एक जहांगीर जब अंतिम सांसें ले रहा था, तब उससे आखिरी इच्छा पूछी तो उसने कहा -कश्मीर! यानी आतताइयों- आतंकियों-विदेशी लुटेरों की आंखें पहले दिन से आखिरी सांस तक कश्मीर पर थीं।’- अज्ञात मेरे देश के नवयुवतियो-नवयुवको, आपके कुछ पल चाहिए। देश…


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Updated: May 13, 2017 — 11:16 PM