आजादी से जिहाद की ओर (राष्ट्रीय सहारा)


सतीश पेडणोकर कश्मीर घाटी भारी उथल-पुथल के दौर से गुजर रही है। कहा जाता था कि पहले वहां आंदोलन कश्मीरियत की रक्षा के लिए था मगर कश्मीरियत एक मुखौटा साबित हुआ। अब कश्मीर की आजादी का संघर्ष नहीं रहा वह जिहाद बन चुका है। तभी तो बुरहान वानी जैसे आतंकवादी के मारे जाने पर कश्मीर…


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Updated: May 4, 2017 — 6:26 AM