एक सदी बाद आज भी अधूरा है गांधी का वह सपना (हिन्दुस्तान)


के सी त्यागी, वरिष्ठ जद-यू नेता चंपारण के सफल प्रयोग के बाद गांधीजी ने साबरमती आश्रम की स्थापना की। वहां के निवासियों के लिए पहली शर्त थी- अपना शौच स्वयं साफ करना होगा। गांधी अपना शौच खुद साफ करने के लिए प्रसिद्ध हो चुके थे। उनकी आत्मकथा में एक रोचक प्रसंग है कि कस्तूरबा द्वारा…


This content is for Monthly Subscription, Half-yearly Subscription and Yearly Subscription members only.
Log In Register
Print Friendly, PDF & Email


Updated: April 29, 2017 — 3:41 pm