नदियों को जीवनदान (राष्ट्रीय सहारा)


करोड़ों सनातन धर्मावलम्बियों की आस्था की प्रतीक गंगा के बारे में कहा जाता था, ‘‘मानो तो मैं गंगा मां हूं, ना मानो तो बहता पानी’ लेकिन अब उत्तराखंड हाइकोर्ट ने गंगा को ‘‘लिविंग पर्सन’ यानी एक जीवित वास्तविकता घोषित कर गंगा को हम सबकी माता मान लिया है। अब तक न्यूजीलैंड की संसद ने माओरी…


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Updated: March 28, 2017 — 6:44 AM