फिर चाहिए गांधी (राष्ट्रीय सहारा)


गांधी ने जिस देश को भयमुक्त किया था, वह आज फिर भयग्रस्त मानसिकता का बंदी है। यह भय बहुत-सी काल्पनिक आशंकाएं पैदा करता है। आशंकाएं हमें कायर और क्रूर एक साथ बनाती हैं। वे भयग्रस्त कायर लोग हैं, जो कभी बच्चाचोर मानकर, कभी गोहत्यारा मानकर किसी निरीह- निदरेष नागरिक के साथ क्रूरता का बर्ताव करते…


This content is for Monthly Subscription, Half-yearly Subscription and Yearly Subscription members only.
Log In Register


Updated: September 11, 2019 — 12:29 PM