उदारता और समावेशी होने से बढ़ेंगी हिंदी, सरकार को इस दिशा में करना होगा काम (दैनिक जागरण)


[अनंत विजय]। भाषा का प्रश्न हमारे देश में रह-रहकर उठता रहता है। यहां भाषा हमेशा से संवेदनशील मुद्दा रहा है। भाषा के सवाल पर देश ने आजादी के बाद हिंसा भी देखी है। अभी हाल ही में नई शिक्षा नीति के ड्राफ्ट में हिंदी को प्रमुखता देने की एक खबर से ये विवाद फिर से…


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Updated: August 14, 2019 — 6:59 PM