गांधीजी के मूल्यों को भुलाने से ही अपरिग्रह की संस्कृति आज संग्रह की धारा बनकर क्षति पहुंचा रही है (दैनिक जागरण)


[ जगमोहन सिंह राजपूत ]: एक दिन बाद हम आजादी की वर्षगांठ मनाएंगे। इस अवसर पर स्वत्रंतता दिलाने वाले सेनानियों का स्मरण भी स्वाभाविक रूप से किया जाएगा। यह भी एक संयोग है कि इस वर्ष दो अक्टूबर को आजादी के सबसे बड़े नायक माने जाने वाले महात्मा गांधी के जन्म के 150 वर्ष पूरे…


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Updated: August 14, 2019 — 6:30 PM