सिर्फ स्वीकारोक्ति से नहीं सुधरेगी महिलाओं की सेहत – हिमानी अखंड (नई दुनिया)

मध्यप्रदेश में स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं पर लगातार सवाल उठते रहे हैं। कभी बच्चों में कुपोषण को लेकर तो कभी महिलाओं के कमजोर स्वास्थ्य को लेकर। मगर यह जानना-सुनना हास्यास्पद है कि खुद प्रदेश सरकार में ओहदेदार मंत्री कहें कि ‘हमारे सूबे में 85 फीसदी महिलाएं एनिमिक यानी कमजोर हैं।” दरअसल, जब वही व्यक्ति कमजोरी स्वीकार…

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Updated: January 12, 2017 — 5:46 am