यह शुभ संकेत नहीं है कि यूपीएससी परीक्षा की वर्तमान प्रणाली विविधता को खत्म करने का काम कर रही है (दैनिक जागरण)


[ डॉ. विजय अग्रवाल ]: अब जबकि देश में एक बार फिर से हिंदी एवं क्षेत्रीय भाषाओं के प्रति सकारात्मक विचार एवं संवेदनशीलता रखने वाली मोदी सरकार आ गई है तब यह उम्मीद की जाती है कि भारतीय भाषाओं के उत्थान के लिए सभी आवश्यक कदम भी उठाए जाएंगे। इसकी जरूरत इसलिए महसूस हो रही…


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Updated: July 2, 2019 — 5:42 PM