संपादकीय: भीड़तंत्र की चुनौती (जनसत्ता)


प्रधानमंत्री ने बुधवार को संसद में जिस तरह साफ लहजे में झारखंड में भीड़ के हाथों एक युवक की हत्या पर दुख जताया, उसका साफ संदेश यही होना चाहिए कि देश के किसी भी हिस्से में ऐसी घटनाएं बर्दाश्त नहीं की जाएंगी। पर विडंबना यह है कि उनके सख्त रवैये के बावजूद कुछ असामाजिक तत्त्वों…


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Updated: June 28, 2019 — 7:21 PM