संसदीय कामकाज पर सवाल: 22 विधेयकों को लोकसभा से फिर पारित कराने में समय और संसाधन की बर्बादी है (दैनिक जागरण)


[ राजीव सचान ]: लोकसभा चुनाव नतीजों के बाद से भाजपा के प्रबल बहुमत को जोर-शोर से रेखांकित करते हुए भले ही विपक्ष को दुर्बल बताया जा रहा हो, लेकिन सच यह है कि वह उतना भी असहाय नहीं जितना प्रचारित किया जा रहा है। शायद इस सच्चाई से सत्तापक्ष भी परिचित है और इसीलिए…


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Updated: June 26, 2019 — 4:07 PM