कलासाधक से बढ़कर मानवीय स्थिति के दार्शनिक थे गिरीश कारनाड, जानें उनके बारे में कुछ खास (दैनिक जागरण)


गोपालकृष्ण गांधी। मशहूर कन्नड़ लेखक, रंगकर्मी और ज्ञानपीठ पुरस्कार आदि से नवाजे गए गिरीश कारनाड अब हमारे बीच नहीं हैैं। उनका अपनी मूल भाषा यानी कन्नड़ और उसके साहित्य से गहरा जुड़ाव रहा। वह सोचते थे तो कन्नड़ में और लिखते भी थे कन्नड़ में। हम कह सकते हैं कि वह कन्नड़ के रवींद्रनाथ टैगोर…


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Updated: June 15, 2019 — 12:29 PM